Coffy Bite

‘आर्ग्यूमेंट’…इस शब्द से शायद हम सब वाकिफ हैं। अक्सर हमारी लाइफ में छोटे-मोटे आर्ग्यूमेंट्स होते रहते हैं और हममें से ज़्यादातर लोग इस शब्द को पसंद भी नहीं करते हैं। लेकिन कॉफी बाइट के नये ऐड कैंपेन के आने से पता नहीं क्यों, इस ‘आर्ग्यूमेंट’ वर्ड से प्यार सा होने लगा है।

अरसे बाद…जी हाँ, अरसे बाद कॉफी बाइट ने अपनी ब्रांड पोजिशनिंग पर गौर करते हुए ये कैंपेन लॉन्च किया है। दिलचस्प बात ये है कि कंपनी ने आर्ग्यूमेंट वाली अपनी पुरानी थीम को इस कैंपेन में रीटेन किया है, जो सालों तक कॉफी बाइट के विज्ञापनों की यूएसपी रही है।

चार टेलीविज़न कमर्शियल्स के साथ कॉफी बाइट ने फिर से अपनी टार्गेट ऑडियन्स को लुभाने की कोशिश की है और सच कहें, तो कंपनी अपनी इस कोशिश में डिस्टिंक्शन के साथ पास होती नज़र आ रही है। बोले तो 100 में 100 नंबर बीडू!! ये नये टेलीविज़न कमर्शियल्स आपको उन दिनों की याद दिलाते हैं जब ये ब्रांड अपने सेग्मेंट में मार्केट लीडर हुआ करता था। उन दिनों ये आर्ग्यूमेंट “कॉफी वर्सेज़ टॉफी” पर हुआ करती थी और आज इसमें थोड़ा सा मॉडिफिकेशन कर “कॉफियर वर्सेज़ टॉफियर” कर दिया गया है। लेकिन ये मॉडिफिकेशन भी आपको काफी प्रभावित करता है।

अगर आप अपने दिमाग पर थोड़ा सा ज़ोर डालेंगे तो शायद आपको 90 के दशक में आया कॉफी बाइट का विज्ञापन याद आ जायेगा, जिसमें कॉफी वर्सेज़ टॉफी के आर्ग्यूमेंट के चलते तलवारें खिंच जाती हैं। जो जनरल्स युद्ध विराम के लिए आमने-सामने बैठे होते हैं, वो दोबारा युद्ध का ऐलान कर देते हैं। वो ऐड लोगों को इतना गुदगुदाया करता था कि पूछिये ही मत। उस दौर में वह विज्ञापन किसी स्ट्रेस बस्टर से कम नहीं हुआ करता था। हालांकि, समय के साथ कॉफी बाइट ने अपनी विज्ञापन रणनीति में कई बदलाव किये लेकिन उसे आशानुरूप फायदा नहीं पहुँचा। शायद इसलिए भी कंपनी ने अपने नए कैंपेन के साथ उसी पुराने अंदाज़ में खेलने का प्रयास किया है और ये कैंपेन लोगों को नोस्टैल्जिया में बख़ूबी डुबो भी देता है।

कैंपेन का हर विज्ञापन कॉफी बाइट के टेस्ट को लेकर दोस्तों के बीच होने वाले प्यारे से आर्ग्यूमेंट पर आधारित है। खास बात ये है कि इन विज्ञापनों में कॉफी बाइट ने अपनी टार्गेट ऑडिन्स को बेहतरीन तरीके से टैप करने का प्रयास किया है। इन विज्ञापनों में टीनेजर्स से लेकर 30-40 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों को कॉफियर वर्सेज़ टॉफियर की बहस करते देखा जा सकता है। जो लोग 80 या 90 के दशक में जन्में हैं, उनके लिए ये विज्ञापन मेमरीज़ के धागों से बुने किसी गिफ्ट की तरह है। ओवरऑल, कॉफी बाइट का प्रयास काफी सराहनीय है और ये विज्ञापन लोगों से इज़ीली कनेक्ट भी करता है। तो आप किसका इंतज़ार कर रहे हैं? अपनी उंगलियों को थोड़ा सा कष्ट दीजिए और अपना इंटरनेट ब्राउज़र खोलकर कॉफी बाइट का कॉफियर वर्सेज टॉफियर कैंपेन ओपन कर नोस्टैल्जिया के सागर में डूब जाइए। और हाँ…एक मीठा सा आर्ग्यूमेंट कर ही लीजिए।

कंन्फेक्शनरी ब्रांड – लॉटे इंडिया

विज्ञापन एजेंसी- वन पॉइंट साइज़   

2020-01-07T11:28:43+00:00

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