Swiggy: What the Falooda

What the F******…. Bhen********…ना ना ना, इसे गाली समझने की भूल मत कीजिएगा। भला हम आपको गाली कैसे दे सकते हैं? और अगर फिर भी यकीन नहीं हो रहा है तो ज़रा उन स्टार्स पर गौर कीजिए। आप समझ जायेंगे कि हमारी इंटेंशन कुछ और है और ये बात आपको अगले कुछ पलों में मालूम भी चल जायेगी।

ये ऊपर जो आपको कुछ गालियों सा मालूम हो रहा है ना, वो वास्तव में कोई गाली नहीं, बल्कि आपको खुश करने वाली ख़ुराक है। विश्वास नहीं हो रहा है? चलिये विश्वास दिलाते हैं।

तो माजरा ये है जनाब कि डिजिटल स्पेस में एक धासू वाले कैंपेन की इंट्री हुई है – नाम है “What The Falooda.” और इस कैंपेन को लॉन्च करने वाली कंपनी का नाम है स्विगी, जो हर पल आपके दस्तरख़ान को गुलज़ार करने का काम करती रही है।

स्विगी ने कुछ ही समय पहले इस कैंपेन को लॉन्च किया है। देखा जाये तो यह कैंपेन कई मायनों में खास है। वो इसलिए क्योंकि कंपनी ने यह कैंपेन अपने कस्टमर केयर एग्ज़ीक्यूटिव्स को ध्यान में रखते हुए बनाया है, लेकिन इसका सीधा ताल्लुक आप और हम से हैं। अब भला आप मुँह खोलकर बेचारे एग्ज़ीक्यूटिव्स पर अपना गुस्सा निकालेंगे तो भला किसे अच्छा लगेगा। लेकिन स्विगी ने इस कैंपेन को इतने क्रियेटिव अंदाज़ में बनाया है कि हमें ये अच्छा भी लगता है और प्यारा भी। इतना अच्छा कि हम इस प्यार भरे प्रहार के दीवाने हो जाते हैं।

इस कैंपेन के ज़रिये स्विगी ने एक तीर से दो निशाने लगाये हैं और निशाना इतना सटीक है कि आप पहली ही बार में घायल हो जाते हैं, सॉरी, हमारा मतलब है कि ‘कायल’ हो जाते हैं। इसे इतने ऊम्दा तरीके से डिज़ाइन किया गया है कि यह हमारे दिलों को छू जाता है और हमारे चेहरों पर मुस्कुराहट छा जाती है। लेकिन क्या आपने कभी उन मुस्कुराहटों के बारे में सोचा है, जिनके चेहरे आप अपशब्द या गालियाँ देकर झुलसा देते हैं?

अच्छा ये बताइए कि अगर स्विगी या उस जैसे किसी और डेलिवरी ऐप के ज़रिये आपको अपना खाना टाइम पर डेलिवर नहीं होता है, या कोई और असुविधा होती है, तो आप क्या करते हैं? ज़ाहिर सी बात है इसका गुस्सा या तो आप उस डेलिवरी पर्सन पर निकालते हैं या फिर आपके कोप उन कस्टमर केयर एग्ज़ीक्यूटिव्स पर फूट पड़ता है जो बेचारे दिन-रात आपकी शिकायतों, तकलीफों, परेशानियों को दूर करने के लिए मेहनत करते हैं। इतना भी कम पड़ जाये तो आप सोशल मीडिया तक पर हाहाकार मचा देते हैं।

यदा-कदा हुई किसी चूक पर आपका गुस्सा लाज़िमी है, लेकिन इसका मतलब ये तो नहीं कि हम अपनी गालियों का पिटारा खोलकर नागिन की तरह उनसे डँसने लगे। आख़िर कितना सही है उस इंसान को सुनाना जो सिर्फ आपकी परेशानियों को कम करने का ज़रिया मात्र है। आप खुद ही सोचिये कि यदि कोई आपको गाली दे रहा हो तो आप उसकी बात इतने इत्मिनान से सुनेंगे? उल्टा शायद आप गालियाँ पूरी होने से पहले ही उसका मुँह तोड़ देंगे क्योंकि आपको तो गुस्सा करने का कॉन्ट्रैक्ट मिला हुआ है। क्यों?

हर मुश्किल से डील करने का एक तरीका होता है और अगर वो तरीका प्यार के रास्ते से होकर गुज़रता है तो उसका परिणाम भी मीठा निकलता है। इसलिए अगली बार यदि आप किसी समस्या या असुविधा से गुज़र रहे हों तो कृपया कर सामने वाले व्यक्ति की मदद प्यार से बात करके लें, ना कि गालियों की बौछार करके।

ऐसा करने पर न तो आपका ब्लड प्रेशर बढ़ेगा और न सामने वाले के दिल को ठेस पहुँचेगी। अगर एक छोटे से कदम से सबका फायदा हो रहा है, तो ऐसा कदम तो लेना बनता है ना। तो मुस्कुराइए, भले आप लखनऊ, कानपुर, दिल्ली या अहमदाबाद में ही क्यों न हो… क्योंकि मुस्कुराने में और मुस्कुराकर समस्या का हल निकालने में कोई टैक्स नहीं है।

बहरहाल, असली बात पर आते हैं और जानते हैं कि क्या अच्छा है इस कैंपेन में।

  • कॉन्सेप्ट- पहली और सबसे खास बात यह कि इस कैंपेन का कॉन्सेप्ट काफी दमदार है। जिस तरीके से स्विगी ने इस विषय की ओर हमारा ध्यान आकर्षित कराया है, उसकी जितनी तारीफ की जाये उतनी कम है।
  • एग्ज़ीक्यूटिव्स का भरोसा जीतना- आज के दौर में वैसे भी लोगों का भरोसा कम होता जा रहा है। ऐसे वक्त में स्विगी का यह कैंपेन काफी सराहनीय है। स्विगी ने अपने इस विज्ञापन के ज़रिये न सिर्फ अपने एग्ज़ीक्यूटिव्स का भरोसा बनाये रखने का प्रयास किया है, बल्कि उनके प्रति अपनी एम्पैथी भी ज़ाहिर की है।
  • क्लियर कम्यूनिकेशन- इस विज्ञापन में स्विगी ने सीधे अपने टार्गेट कस्टमर्स से बात की है और साथ ही साथ उन्हें अपने एग्ज़ीक्यूटिव्स से प्यार से पेश आने की रिक्वेस्ट भी की है, और ये रिक्वेस्ट हमें और आपको बिना किसी शर्त के ऐक्सेप्ट कर लेनी चाहिए।
  • क्रियेटिविटी- इस मोर्चे पर भी स्विगी की प्रशंसा बनती है। जिस तरह से मेन्यू में आने वाले अलग-अलग पकवानों के नाम का प्रयोग कर गालियों को रीप्लेस किया गया है, उसके लिए स्विगी को हमें दावत देनी चाहिए। क्या है ना कि क्रियेटिविटी फ्रंट पर उसने सबको ढेर कर दिया है।

तो अगली बार गाली निकालें भी तो स्विगी की स्टाइल में। और अगर आपने स्विगी वाली गालियों का मेन्यू टेस्ट नहीं किया है, तो घबराइए मत। बस स्टोरी पढ़ने के साथ-साथ, वीडियो की लिंक क्लिक करके वो स्टाइल सीख लीजिए। सच कह रहे हैं बहुत मज़ा आयेगा और संभवतः इन नवीन क्रियेटिव गालियों का टेस्ट भी आपके मन को भा जायेगा। तो देर किस बात की। हमारी संडे स्टोरी खतम… अब मौज कीजिये और संडे स्पेशल बनाने के लिए जो भी ऑर्डर करना हो कीजिए, हाँ मगर प्यार से।

ब्रांड – स्विगी

परिकल्पना- इनहाउस टीम, स्विगी।

2020-01-27T08:54:01+00:00

Content To Connect

Contact
Good things come to those who sign up for our newsletter
Join our email list to get the latest blog posts straight to your inbox
SUBSCRIBE
Give it a try, you can unsubscribe anytime.
close-link